Sarvartha Siddhi Yoga aur Siddhi Yoga dono hi शुभ योग माने जाते हैं, लेकिन इनकी बनने की विधि और प्रभाव अलग-अलग होते हैं।
यह योग वार (weekday) और नक्षत्र (nakshatra) के विशेष संयोजन से बनता है।
जब कोई खास नक्षत्र किसी खास दिन पड़ता है तो यह योग बनता है।
इसका अर्थ है “सभी कार्यों की सिद्धि” यानी अधिकतर शुभ काम सफल होते हैं।
इसका उपयोग अक्सर इन कार्यों के लिए किया जाता है:
नया काम शुरू करना
व्यापार शुरू करना
निवेश
यात्रा
खरीदारी
उदाहरण:
रविवार + हस्त नक्षत्र
सोमवार + मृगशिरा या पुष्य नक्षत्र
(ऐसे कई संयोजन होते हैं)
👉 इसलिए इसे बहुत शक्तिशाली शुभ मुहूर्त माना जाता है।
यह योग तिथि और वार के संयोजन से बनता है।
इसका अर्थ है सफलता या सिद्धि प्राप्त होना।
यह भी शुभ है, लेकिन इसका प्रभाव Sarvarth Siddhi Yog जितना व्यापक नहीं माना जाता।
इसका उपयोग आमतौर पर:
पूजा
साधना
छोटे शुभ कार्य
शिक्षा या आध्यात्मिक कार्य
यह योग साधना, मंत्र जप, तंत्र-साधना और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
इसका अर्थ ही है सफलता या सिद्धि प्राप्त होना।
इसलिए अगर आपका लक्ष्य मंत्र सिद्धि, ध्यान, या आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाना है तो यह योग ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।
यह योग सामान्य जीवन के कामों के लिए ज्यादा प्रसिद्ध है।
जैसे: नया काम शुरू करना, खरीदारी, व्यापार, यात्रा, निवेश आदि।
इसमें साधना भी कर सकते हैं, लेकिन इसका मुख्य उपयोग सांसारिक कार्यों की सफलता के लिए माना जाता है।
✅ सरल निष्कर्ष:
साधना / मंत्र सिद्धि के लिए → Siddhi Yoga बेहतर
सभी प्रकार के कार्यों की सफलता के लिए → Sarvartha Siddhi Yoga
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